क्युं
करते हो झगडा बोलो ||
क्युं
करते हो मनमानी ||
उसीकी
रोटी उसीका पानी ||
फिर
कहे को खिंचातानी ||
जितनी
तेरी भूक हैं ||
पंछी
उतना दाना चुन ||
उडते
उडते नाम ले उसका ||
गाता
जा तू हरी की धून ||
उसने
माना बेटा तुझको ||
ध्यान
से उसकी बात तो सुन ||
एक ही
तेरी हैं पहचान ||
उसका
बेटा यही हैं गुन ||
बाकी
सारा खेल हैं ||
यहा
लगा एक मेला हैं ||
ढुंढ
सके तो ढुंढ ले उसको ||
उसका एक ही ठेला हैं ||
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