जब तक "मैं" था "मैं" ही "मैं"
"मैं" मुझमे सिमट गया ||
"मैं" मुझमे सिमट गया ||
"मैं" तुझमे खो गया तो
मुझसे "मैं" क्यू रूठ गया ||
तुम मेरे श्रीराम हो स्वामी
मैं तुम्हरा हनुमान ||
हे स्वामी दिल चीर दो मेरा
तुम हो विराजमान ||
जलबिन मछली इस संसार के
जाल में अटकी जान ||
अंत ना देखो अब तो छुडा लो
कंठ में अटके प्राण ||