उन्हे पलको पे बिठाया तो
खिसक के आंखों में उतर आये
अब पलक बंद करे तो वो कैद हो,
न करे तो नींद उड जाये
उलझे रहे हम तब तक
उतर के दिल मे सिमट गये
दस्तक है उनकी या मेरी धडकन,
हम और उलझ गये
पलको का झपकना बंद,
पर दिल का क्या करे
धडकन मे बसाये या
दिल उनके हवाले करे
अब न दिल मेरा न धडकन
.. बस तू ही तू है
मुझसे "मै" कहा खोया,
यही जुस्तजू है
खिसक के आंखों में उतर आये
अब पलक बंद करे तो वो कैद हो,
न करे तो नींद उड जाये
उलझे रहे हम तब तक
उतर के दिल मे सिमट गये
दस्तक है उनकी या मेरी धडकन,
हम और उलझ गये
पलको का झपकना बंद,
पर दिल का क्या करे
धडकन मे बसाये या
दिल उनके हवाले करे
अब न दिल मेरा न धडकन
.. बस तू ही तू है
मुझसे "मै" कहा खोया,
यही जुस्तजू है
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