हो कबूल मेरा .. आखरी पयाम
होठों पे आये ..... तेरा नाम
थक गये है नैन भी ये .. दरस के मारे
दिल भी टूटा यारा माना .. हम नही है तेरे
उम्मीद मेरी .. नाकाम
होठों पे फिरभी ..... तेरा नाम
हो कबूल मेरा .. आखरी पयाम
होठों पे आये ..... तेरा नाम
जितना छिपाने जाऊं .. उतना ही छलके
दर्द ने भी दम तोडा है .. बंद हुई पलके
रूह के मिटे है .. आयाम
होठों पे फिरभी ..... तेरा नाम
हो कबूल मेरा .. आखरी पयाम
होठों पे आये ..... तेरा नाम
No comments:
Post a Comment