Sunday, 12 February 2017

प्यारे ईश्वर

प्यारे ईश्वर,

होके मायूस तेरे दर से आज हम निकले
बेवफा तुम नही मगर बदनसीब हम निकले

तेरे दरस तरसे, घर से प्यासे हम निकले
तेरा दिदार न हुआ, बदनसीब हम निकले

कई दिवाने तेरे .. शामिल होने हम निकले
श्वापदो से परे रहे .. बदनसीब हम निकले

दिल के चोरी की शिकायत दर्ज करने हम निकले
दिल लगाया चोर से ही, बदनसीब हम निकले  

खुश रहे तू ... दुवा मांगने हम निकले
खुशी का रास्ता भुले, बदनसीब हम निकले

इश्क की आग मे खाक हो के हम निकले
राख से हो बेखबर तुम, बदनसीब हम निकले


No comments: