Saturday, 11 July 2015

सलोनी

I saw a photograph of a lady standing on seashore wearing white top, blue jean & spects. The colour of the sea was green.

Below poem is based on her.

अथांग सागर हिरवे पाणी
तया समोरी उभी ही रमणी
मादिनी ... मन-भाविनी ... मायाविनी

केस मोकळे ऐनक नयनी
चंद्रमुखी ग मनोहारिणी
कमान भुवई हृदय-भेदिनी
कटाक्ष तिरपा तू मन-ठगिनी
मादिनी ... मन-भाविनी ... मायाविनी

सफेद कुडता घट्ट लेवुनी
ताठर वक्षी टंच कामिनी
आणि दुपट्टा गळा गुंफुनी
काळीज चिरते तू सौदामिनी
मादिनी ... मन-भाविनी ... मायाविनी

निळ्या नभासम तंग तुमानी
सागरतीरी उभी पद्मिनी
सिंहकटी जरी ... तरी कुरंगिनी
भरून यौवनी नार देखणी
मादिनी ... मन-भाविनी ... मायाविनी

शैलेंद्र शिरोळकर

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