Wednesday, 16 July 2014

राधा


मोहे क्यू दरसायो शाम ?
मोरा बिगड गयो हर काम

धून मुरली की .... भई मै बावरी
कान्हा ढुण्डत  …. सूद बुद बिसरी
दिखे ____ हर घडी हर पल शाम
मोरा बिगड गयो हर काम

नाही दिखे मोहे .... पनघट सखिया
शाम रंग से ..... भर गई अखिया
दिखे ____ जल स्थल मे घनशाम
मोरा बिगड गयो हर काम

किस पग घर है ..... किस पग नदिया
चितचोरन दिख .... भुली डगरिया
दिखे ____ हर क्षण हर कण शाम
मोरा बिगड गयो हर काम




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